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चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना : भूमि अर्जन एवं परिसंपत्तियों पर आपत्तियां आमंत्रित, अब तेजी से आगे बढ़ रहा है कार्य

चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना : भूमि अर्जन एवं परिसंपत्तियों पर आपत्तियां आमंत्रित, अब तेजी से आगे बढ़ रहा है कार्य

चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट नई ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना : भूमि अर्जन एवं परिसंपत्तियों पर आपत्तियां आमंत्रित, अब तेजी से आगे बढ़ रहा है कार्य

कैलाश गिरी की रिपोर्ट एमसीबी/चिरमिरी/मनेंद्रगढ़।

छत्तीसगढ़ रेलवे परियोजना के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट नई ब्रॉड गेज रेल लाइन के लिए प्रभावित ग्रामों की भूमि एवं परिसंपत्तियों के संबंध में आकंलित प्राथमिक प्रतिकर राशि की गणना हेतु जिला प्रशासन ने लोक सूचना जारी की है। जिन भूमि स्वामियों को स्वामित्व, क्षेत्रफल, मूल्यांकन या प्रतिकर राशि पर आपत्ति है, वे निर्धारित अवधि में दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की अवधि 02 दिसंबर 2025 से 09 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। अवकाश दिवस एवं 18 से 25 दिसंबर तक घोषित अवकाश को छोड़कर प्रत्येक दिन दोपहर 12:00 से शाम 03:00 बजे तक आवेदन लिया जाएगा। आवेदन कक्ष क्रमांक 08, न्यायालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जमा किए जा सकेंगे। संपर्क अधिकारी अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार को नियुक्त किया गया है।

परियोजना की पृष्ठभूमि : 2018 से 2023 तक अधर में लटका रहा काम

उल्लेखनीय है कि इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना की नींव तत्कालीन विधायक श्याम बिहारी जायसवाल के कार्यकाल में रखी गई थी। उस समय राज्य और केंद्र—दोनों सरकारों का संयुक्त सहयोग इस परियोजना में निर्धारित था।

लेकिन वर्ष 2018 में भाजपा सरकार के परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा इस परियोजना को “अभी आवश्यकता नहीं” कहते हुए रोक दिया गया। अगले 05 साल तक परियोजना अधर में पड़ी रही। इस दौरान क्षेत्र में “घंटी बजाओ – सरकार को जगाओ” जैसा जनांदोलन भी चला, लोगों ने बार-बार मांग उठाई, परंतु इसका असर नगण्य रहा।

2023 में फिर मिली रफ्तार – विधायक ने रखा प्राथमिकता में

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर श्याम बिहारी जायसवाल विधायक बने। उन्होंने अपने घोषणा-पत्र में इस रेल परियोजना को प्राथमिकता में रखते हुए पुनः प्रारंभ कराने के वादे को निभाया। परिणामस्वरूप अब परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है, भूमि अर्जन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और प्रतिकर निर्धारण का कार्य जारी है।

रेलवे एवं विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि कार्य इसी गति से चलता रहा तो यह महत्वपूर्ण रेल लाइन 2028 से पहले पूर्ण हो सकती है, जिसके बाद चिरमिरी, नागपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा और बड़ा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह रेल लाइन न केवल यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों, व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी नई दिशा देगी।

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