
मजाक बन गया है स्थानांतरण आदेश।PWD विभाग की मनमानी
सूरजपुर अफरोज खान
शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लोक निर्माण विभाग सूरजपुर में तबादला आदेशों का पालन न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। जानकारी के अनुसार विभाग में पदस्थ उप–अभियंता पंकज सिन्हा का स्थानांतरण शासन द्वारा 4 जुलाई 2025 को जारी आदेश के माध्यम से जिला जशपुर किया गया था। आदेश जारी हुए चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है, जिससे विभाग में नियमों के अनुपालन पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
सूत्रों के मुताबिक शासन की ओर से जारी तबादला आदेश स्पष्ट और बाध्यकारी होते हैं, जिनका पालन निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग, सूरजपुर में संबंधित अधिकारी को अब तक relieving आदेश जारी नहीं किया गया है। इस देरी से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि जशपुर जिले में भी पद रिक्त रहने के कारण कार्य संचालन पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय अधिकारियों ने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि कार्यमुक्ति न होने के पीछे आंतरिक स्तर पर फाइल प्रसंस्करण में देरी और उच्च स्तर से अनुमोदन की प्रतीक्षा जैसी वजहें बताई जा रही हैं, लेकिन विभागीय प्रक्रियाओं की सुस्ती पर कर्मचारियों में नाराजगी भी देखी जा रही है। वहीं, जानकारों का कहना है कि शासन के निर्देशों की अनदेखी गंभीर लापरवाही है और संबंधित अधिकारी या विभागीय जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों और कर्मचारियों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि शासन के आदेशों का समय पर पालन नहीं होगा तो विभागीय अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इससे प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर होती है। अब देखना यह है कि लोक निर्माण विभाग शासन के निर्देशों का पालन करते हुए उप–अभियंता पंकज सिन्हा को कब कार्यमुक्त करता है और देरी के कारणों पर क्या कार्रवाई की जाती है।




