
पीला मौजेक और अतिवृष्टि से सोयाबीन फसल तबाह, सर्वे व मुआवज़े की मांग को लेकर किसानों का तहसील मुख्यालय पर जमावड़ा सौपा ज्ञाप
भैंसदेही :::—-
क्षेत्र में लगातार हो रही अतिवृष्टि और पीला मौजेक वायरस की बीमारी ने सोयाबीन की फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया है। खेतों में हरी-भरी खड़ी फसल अचानक पीली पड़ने लगी और लगातार बारिश के चलते किसानों की सारी मेहनत पानी में बह गई। हालात यह हैं कि कई किसानों की लागत तक निकलना मुश्किल हो गया है।
इसी नुकसान से परेशान सेकडे से अधिक किसान मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुँचे। उन्होंने नारेबाज़ी करते हुए प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवज़ा देने की मांग उठाई। किसानों का कहना था कि यदि समय रहते सर्वे नहीं हुआ तो उन्हें फसल बीमा और राहत राशि का लाभ नहीं मिलेगा।
किसानों की पीड़ा –
ग्राम कौड़ी , पालसपानी , पिपरीढ़ाना , कोरडी, कौड़िया और आसपास के गाँवों से आए किसानों ने बताया कि इस बार सोयाबीन की बुवाई अच्छे मौसम के भरोसे की थी। शुरुआती दौर में फसल अच्छी बढ़ रही थी, लेकिन अचानक मौसम का रुख बदलने और पीला मौजेक रोग फैलने से पूरी फसल बर्बाद हो गई। कई किसानों ने कहा कि उन्होंने बीज, खाद और कीटनाशक में कर्ज लेकर हजारों रुपये खर्च किए, परंतु अब उत्पादन शून्य हो गया है
प्रशासन का आश्वासन –
किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि तुरंत पटवारी और राजस्व अमला गाँव-गाँव जाकर फसलों का सर्वे करे।
पर एसडीएम मरावी ने कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है। अतिवृष्टि और मौजेक रोग से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे प्राथमिकता से कराया जा रहा है और रिपोर्ट जल्द ही जिला मुख्यालय को भेजी जाएगी।
साथ ही एसडीएम मरावी ने किसानों को यह भी अवगत कराया कि वे राज्य सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर फसल हानि का पंजीयन अवश्य कराएँ,




