
एमसीबी से कैलाश गिरी की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने मुख्य श्री जगन्नाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान के चरणों में नमन किया तथा शिव मंदिर में जल अर्पित कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थलों का संरक्षण और विकास हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारी सरकार मंदिर परिसर के समुचित विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मंदिर परिसर स्थित आनंद बाजार में मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ सादगी पूर्वक जमीन में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जिससे जनसरोकार और समानता का संदेश गया। श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की उन्नति और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री के इस आध्यात्मिक प्रवास ने चिरमिरी की धरती पर विकास और धर्म का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। एक ओर जहां 127 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी गई, वहीं दूसरी ओर भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में नतमस्तक होकर प्रदेश की समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की गई। इस प्रकार यह दिन केवल विकास की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता के दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक बन गया।




