
हरदा मे भक्ती भाव के साथ भेरव अष्टमी मनाई गइ
मंदिरों मे भंडारें का आयोजन हुआ
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
हरदा मे आज 12 नवंबर 2025 को कालभैरव अष्टमी का पावन पर्व मनाया गया । इस दिन भगवान शिव के उग्र और रक्षक स्वरूप कालभैरव की विशेष पूजा की जाती है। कालभैरव को भगवान शिव का तीसरा रूद्र अवतार माना जाता है, जो अपने भक्तों को भय, रोग और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति प्रदान करते हैं।
भय बाधा को हरते भैरव
कालभैरव अष्टमी का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि इस दिन भगवान कालभैरव की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से सभी भय और बाधाएं दूर हो जाती हैं। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और भगवान से भयमुक्त जीवन व सफलता की कामना करते हैं।इस अवसर पर हरदा नगर के मंडी मे, वायपास रोड पर प्रचीन मंदिर मे एवं ,गजानन मंदिर मे भैरव वावा का विधी विधान के साथ पूजन, हवन किया गया एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया ।




