ग्राम सतपता की सड़क बदहाल, ग्रामीणों में बढ़ रहा रोष
बरसात में कीचड़, गर्मी में उड़ती धूल से आमजन परेशान

ग्राम सतपता की सड़क बदहाल, ग्रामीणों में बढ़ रहा रोष
बरसात में कीचड़, गर्मी में उड़ती धूल से आमजन परेशान
NH-43 राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े ग्राम सतपता की मुख्य गली की हालत दिनों-दिन और बदतर होती जा रही है। तहसील कार्यालय, स्कूलों और बाजार से जुड़ने वाला यह मार्ग वर्षों से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है, जिससे पैदल चलना तो दूर, बाइक और चारपहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं गर्मी और धूप वाले दिनों में सड़क पर उड़ती धूल लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार इस गली से प्रतिदिन सैकड़ों लोग तहसील कार्यालय, पंचायत भवन, स्कूल तथा बाजार तक आते-जाते हैं। टूटे हुए रास्ते, गहरे गड्ढे और असमतल सड़क के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। बावजूद इसके प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नजर अभी तक इस समस्या पर नहीं पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार आवेदन देने और शिकायतें करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। हर बार केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामवासी आफताब आलम ने बताया कि बरसात के दिनों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। “हम कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी और नेता सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं। बरसात में घर से बाहर निकलना भी चुनौती बन जाता है,” उन्होंने कहा। इस मार्ग से स्कूली बच्चे बड़े जोखिम के साथ रोज यात्रा करते हैं, क्योंकि फिसलन और गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग सिर्फ गाँव के लोगों का ही नहीं, बल्कि अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों का भी नियमित रास्ता है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत या निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही। तेज धूप में सड़क पर उठने वाली धूल आसपास के घरों में भर जाती है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगी हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि धूल की वजह से उन्हें सांस और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
गाँव के लोगों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल इस सड़क की मरम्मत करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे। स्थानीय निवासी यह भी कहते हैं कि सड़क की खराब हालत के कारण गांव के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना भी अत्यंत कठिन हो गया है।
ग्रामवासियों का मानना है कि सड़क का निर्माण होने से न केवल उनकी दैनिक परेशानियाँ दूर होंगी, बल्कि गाँव की आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों में भी सुधार आएगा। फिलहाल ग्रामीण आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं और समस्या के समाधान के लिए एकजुट होकर प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने में लगे हैं।




