4-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर के द्वारा मासूम की सिकलिंग जांच में बड़ी लापरवाही का मामला आया सामने
4-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर के द्वारा मासूम की सिकलिंग जांच में बड़ी लापरवाही का मामला आया सामने

4-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर के द्वारा मासूम की सिकलिंग जांच में बड़ी लापरवाही का मामला आया सामने
सूरजपुर– छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा राज्य में आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से करोड़ों लाखों की बजट से शासकीय अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है लेकिन एक गंभीर मामला सूरजपुर जिले के विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आया है जहां एक पिता मोहम्मद मुबारक जो विश्रामपुर के अवराडुगू कुंजनगर के रहने वाले हैं वह अपने 12 महीने की बच्ची बेटी जन्नत को बिश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिकलिंग जांच के लिए ले जाया गया जहां विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के खून जांच लैब में बच्ची का ब्लड सैंपल ले सिकलिंग की जांच की गई और दिए गए रिपोर्ट में सिकलिंग पॉजिटिव बताई गई मोहम्मद मुबारक ने रिपोर्ट देखने के बाद लैब के स्टाफ को बताया कि मुझे और मेरी पत्नी को सिकलिंग संबंधित कोई समस्या नहीं है आपके द्वारा जांच सही किया गया है या नहीं इतना पूछने पर खून जांच लैब में कर्जत वहां के स्टाफ के द्वारा दुर्व्यवहार किया गया और जब मोहम्मद मुबारक के द्वारा खून जांच सही न होने और रिपोर्ट सही न होने पर उच्च अधिकारियों से शिकायत की बात करने पर विश्रामपुर स्वास्थ्य केंद्र के खून जांच लैब में फिर से बच्ची का खून ले सिकलिन की जांच की गई जिसमें रिपोर्ट नेगेटिव बताया गया और पूर्व में जांच किए गए सिकलिंग रिपोर्ट जिसमें जांच पॉजिटिव आया था उसे फाड़ कर फेंक दिया गया मोहम्मद मुबारक ने अपनी बेटी के बेहतर स्वास्थ्य इलाज को ध्यान देते हुए उसकी सिकलिंग संबंधित जांच अंबिकापुर के प्राइवेट खून जांच केंद्र तेज डायग्नोस्टिक सेंटर में कराया गया जहां उनके द्वारा स्वयं एवं अपनी पत्नी चांदनी और 12 महीने की पुत्री जन्नत का सिकलिंग जांच कराया गया जहां रिपोर्ट नेगेटिव पाया गया है
मोहम्मद मुबारक ने यह बताया है कि विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है और वहां के स्टाफ का भी व्यवहार सही नहीं है अगर मेरे 12 महीने की बच्ची का इलाज सिख लिंग नेगेटिव होने के बाद भी अगर पॉजिटिव का इलाज किया जाता तो मेरी बेटी जन्नत को कई प्रकार के शारीरिक नुकसान का सामना करना पड़ता गलत इलाज के कारण उसके जान पर भी बात बन आती।
मोहम्मद मुबारक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुर के द्वारा गलत तरीके से किया जा रहे खून जांच वह गलत रिपोर्ट देने के संदर्भ में आज मुझ खिचकिचा स्वास्थ्य अधिकारी से नए संगत कार्यवाही करने की मांग की है और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर के कर्मचारियों के व्यवहार को बेहतर बनाने वह व्यवस्थाओं को सुधारने और न्याय संगत कार्यवाही जांच के संबंध में जो हुई है उस पर कार्यवाही होनी चाहिए




