हरदा

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्

हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला

हरदा 10 सितम्बर 2025/ मानव जीवन अनमोल है, जीवन में क्षणिक दुख, चिंता और तनाव में आकर कुछ लोग अपना जीवन को समाप्त करने का विचार कर लेते हैं, ऐसा विचार करना कायरता या कमजोरी नही है बल्कि एक प्रकार की मानसिक समस्या है, जिसका इलाज किया जा सकता है। यह बात जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रवीण कुमार इवने ने स्थानीय होटल में आयोजित कार्यशाला में कही। कार्यशाला में जिले की ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए जिला चिकित्सालय हरदा के कक्ष क्रमांक 9 में मनकक्ष बनाया गया है, जहॉ से परामर्श लिया जा सकता है। उन्होने बताया कि यह गंभीर विषय है। वर्तमान समय में किशोर अवस्था में आत्महत्या करने के मामले भी सामने आ रहे है। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष 10 सितंबर को आमजन में जागरूकता लाने के लिए विश्व आत्महत्या दिवस मनाया जाता है।

इस दौरान जिला चिकित्सालय परिसर में नर्सिंग महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ जागरूकता गतिविधि भी आयोजित की गई। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक श्री आशीष साकल्ले ने इस गंभीर विषय पर खुलकर बात करने पर जोर दिया। उन्होने बताया कि किशोर और युवा अवस्था में पढ़ाई का दबाव, कैरियर की चिंता, परिवार में झगड़े, प्यार में असफलता, अकेलापन और उदासी, नशे की लत, भविष्य की चिंता में कई बार गलत दिशा में व्यक्ति कदम उठा लेता है। सकारात्मक बातचीत से ऐसे व्यक्तियों के अमूल्य प्राण को बचाया जा सकता है। कार्यशाला में जिला चिकित्सालय मनकक्ष में कार्यरत श्री अंकित सिंह ने टेलीमानस हेल्पलाइन 14416 की जानकारी दी। आरकेएसके काउंसलर सुश्री पारूल काशिव, निखिल चंद्रवंशी, अजय मंडलेकर ने नर्सिंग छात्र छात्राओं और आमजन को मनहित एप्लिकेशन के बारे में जानकारी दी तथा उपस्थितजनों को डाउनलोड कराया।

स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर गतिविधि आयोजित की । मुख्य वक्ता डॉ राकेश सिंह परस्ते ने एैसे विद्यार्थी जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें योग और ध्यान करने के साथ अपने मित्रों परिजनों से संवाद, आपसी बातचीत करने की सलाह दी ताकि तनाव का प्रबंधन हो सके । कार्यक्रम अधिकारी डॉ आशा गायकवाड़ एवं राजेश कुमार गौर ने तनाव वाले बच्चों की पहचान चिन्ह बताए । महाविद्यालय कार्यक्रम में आरकेएसके काउंसलर पारूल काशिव ने जागरूकता शपथ दिलाई । इस दौरान व्ही.के.बिछोतिया, रामदयाल मकवाना, राजेश दीक्षित, डॉ सीता बौरासी, अजय मंडलेकर उपस्थित रहे ।

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