
नेत्रहीन संस्था पहुँचीं समाज कल्याण मंत्री, 20 लाख की सौगात बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान
दिव्यांग बच्चे ही समाज की असली धरोहर, इन्हें सरकार हर संभव करेगी सहयोग……. लक्ष्मी राजवाड़
एमसीबी से कैलाश गिरी की रिपोर्ट
महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का जिले में आगमन नेत्रहीन एवं दिव्यांग संस्था के लिए गौरव और उत्साह विषय रहा। उनके साथ समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक भूपेंद्र पांडेय, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के कलेक्टर डी.राहुल वेंकट एवं डिप्टी कलेक्टर तथा समाज कल्याण विभाग की प्रभारी डिप्टी डायरेक्टर श्रीमती इंद्रा मिश्रा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनमानस की भागीदारी रही, जिसने पूरे आयोजन को भव्यता प्रदान की। संस्था परिसर में मंत्री का पारंपरिक और आत्मीय स्वागत किया गया। छात्रा श्रद्धा वर्मा एवं शिक्षिका श्रीमती आरती पांडेय ने पुष्पगुच्छ और शुभकामनाओं के साथ सम्मान किया। इसके पश्चात संस्था के प्राचार्य संतोष चढ़ोकर ने संस्था की गतिविधियों, अब तक की उपलब्धियों, बच्चों के प्रशिक्षण कार्य, शिक्षण पद्धति और संस्था के समर्पित प्रयासों पर आधारित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। नेत्रहीन व विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण एवं धर्मार्थ समिति आमाखेरवा, मनेन्द्रगढ़ के अंतर्गत संचालित नेत्रहीन व विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय, जिला एमसीबी एवं सरगुजा संभाग का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो दृष्टिहीन बच्चों को शिक्षित, प्रशिक्षित कर उनके संपूर्ण पुनर्वास हेतु विगत 27 वर्षों से निरंतर कार्यरत है। वर्तमान में संस्था में 80 छात्र अध्ययनरत एवं निवासरत हैं। संस्था द्वारा दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा, भोजन, आवास, स्वास्थ्य और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।




