समाजसेवी कृष्ण मर्सकोले व टीम के प्रयासों से मिला बच्चों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र

समाजसेवी कृष्ण मर्सकोले व टीम के प्रयासों से मिला बच्चों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र
बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सुखढाना की आदिवासी विधवा महिला कविता इवने के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पति की ट्रेन दुर्घटना में मृत्यु के बाद परिवार पर आर्थिक संकट टूट पड़ा था। बच्चों की पढ़ाई पर संकट मंडराने लगा क्योंकि प्राइवेट स्कूल प्रबंधन ने स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टी.सी.) देने से मना कर दिया था
लेकिन कहते हैं न – अगर साथ अच्छे लोग मिल जाएँ तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।
ऐसे ही कठिन समय में आगे आए समाजसेवी कृष्ण मर्सकोले व उनकी धर्मपत्नी सीमा मर्सकोले। उनके अथक प्रयासों और शिक्षा विभाग से निरंतर संवाद के बाद आखिरकार बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की कोशिश करने वाले स्कूल प्रबंधन को झुकना पड़ा और विभाग ने स्थानांतरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
इस नेक पहल में समाजसेवी साथियों का भी अहम योगदान रहा –
हेमंत सरयाम, रितिक परते, प्रेम सिंह सलामे, मोहन वट्टी, आजाद सिंह इरपाचे, राजेंद्र गावंडे और प्रवीण तूल (नागपुर)। संतोष नर्रे, अशोक सलामे, सुरवान सलामे
जनता की आवाज़
ग्रामीणों ने इस प्रयास को “मानवता की जीत” बताते हुए समाजसेवियों का आभार जताया और कहा कि अब गरीब वंचित परिवारों की आवाज़ भी सुनी जा रही है।




